इंदौर। करीब 15 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप से दोषमुक्त कर दिया, लेकिन ईडी की ओर से अटैच की गई करीब 2.19 करोड़ रुपए की संपत्ति पर किसी ने दावा नहीं किया। इसके चलते कोर्ट ने उस संपत्ति को शासन के पक्ष में राजसात करने के आदेश दिए हैं।2011 में दर्ज हुआ था मामला-प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2011 में महू स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन क्लर्क राजेश नीम और अंजना नीम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इससे पहले राजेश नीम के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसी प्रकरण के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई शुरू की थी।
:15 साल पुराने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी दोषमुक्त, 2.19 करोड़ की संपत्ति राजसात: